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ब्रेस्ट की बेस्ट केयर के लिए इन बातों का रखें ध्यान

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Source: Good Housekeeping

महिला की सुंदरता का कोई जोड़ नहीं. कहते हैं नारी हर रूप में अच्छी लगती है और उसका हर अंग भी. हम महिलाएं अपने शरीर के लिए बहुत सजग हैं और इसके लिए हम अपने हर एक अंग को मेनटेन रखते हैं. फिर भी एक महिला के शरीर में उम्र के साथ-साथ कई शारीरिक बदलाव भी आते हैं. ये बदलाव कभी अच्छे तो कभी बुरे भी लगते हैं.

एक महिला के शरीर में ब्रेस्ट का विशेष महत्व है. शादी से पहले या फिर शादी के बाद भी कुछ महिलाओं को ब्रेस्ट के आकार से परेशानी रहती है. किसी भी महिला के लिए यह उलझनपूर्ण स्थिति हो सकती है. बदलते लाइफस्टाइल, समय की कमी और सही देखभाल के अभाव के कारण आज महिलाओं में ये उलझन ब्रेस्ट कैंसर में बदल गयी हैं.

ज़माना इतना आगे आ गया है, फिर भी आज बहुत-सी महिलाएं इससे जुड़े मामलों पर खुलकर बात नहीं करना चाहती. हालांकि हमारे देश में कई ऐसी संस्थाएं हैं जो ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ें विषयों पर अवेयरनेस बढ़ाने का काम कर रही हैं. लेकिन महिलाएं चाहे तो घर में रहकर ही छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर गलत ब्रेस्ट शेप, ब्रेस्ट कैंसर या फिर संक्रमण जैसी कई बीमारियों से दूर रह सकती है. इस ख़तरनाक बीमारी से दूर रहना और एक सुंदर, स्वस्थ ब्रेस्ट की सही देखभाल कैसे की जानी चाहिए, इसके लिए हम आपको कुछ टिप्स बताने जा रहें हैं

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ब्रेस्ट का आकार सही रखना और इन्हें स्वस्थ रखना हर महिला की प्राथमिकता होती है. महिलाओं को ब्रेस्ट की अच्छी देखभाल करने की जरुरत होती है क्योंकि ये आपके शरीर के सबसे नाजुक हिस्सों में से एक हैं. इसे लेकर लापरवाही बरतना भी सही नहीं है. स्तनों की देखभाल के लिए सबसे पहले आता है…

आपके आहार में हो भरपूर पोषण

अपनी बॉडी और ब्रेस्ट को स्वस्थ रखने के लिए आपको अच्छा और पौष्टिक आहार लेना चाहिए. अपने आहार में मसूर, सोया प्रोडक्ट्स और अनाजों को शामिल करें. इनमें पर्याप्त फाइबर होता है और यह स्तन कैंसर के खतरे को कम करता है. मैग्‍नेशियम को आहार में जोड़े, फलों, सब्जियों को शमिल करें. मैग्नेशियम से भरपूर खाना स्तनों को फूलने और ढीला होने से बचाता है. डार्क चॉकलेट, कददू के बीज, दही, मछली, केला, बादाम, स्‍ट्रॉबेरी, पालक, नाश्‍ते में अंकुरित अनाज, काजू आदि में मैग्नेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है.

फिटनेस एक्टिविटी बहुत जरूरी

फिट बॉडी और ब्रेस्ट के स्वास्थ्य के लिए हर रोज एक्सरसाइज करनी चाहिए. अपने रुटीन में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करें. लड़कियों के लिए तैरना और बास्केटबॉल जैसे गेम्स ब्रेस्ट में कसाव लाते हैं. इसके अलावा महिलाएं एरोबिक्स और योग का अभ्यास शुरू कर सकती हैं. सरल व्यायाम जैसे कि ब्रेस्ट प्रेस, ब्रेस्ट पुल, राउंड अबाउट पुश-अप्स और डम्बल फ्लाइज आपके ब्रेस्ट का आकार बनाये रखने में मददगार साबित होते हैं.

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सही ब्रा का करें चयन

महिलाएं अक्सर फैशन और लापरवाही के चलते अपनी ब्रा पर ध्यान नहीं देतीं.  अगर आप ग़लत साइज की ब्रा कई सालों तक पहन रही हो तो आपके ब्रेस्ट को सपोर्ट न मिलने से उसका शेप ख़राब हो सकता है. अगर आपको आपका सही ब्रा साइज पता नहीं है, तो आप ऑनलाइन ब्रा साईट पर जाकर अपना सही साइज़ पता कर सकती हैं. सही ब्रा पहनने से ना ही केवल आपके ब्रेस्ट को सपोर्ट मिलता है, बल्कि आपके रीड की हड्डी भी सीधी रहती है और आपको अच्छा पोस्चर मिलता है.

सही साइज की ब्रा पहनने के साथ साथ अपने ब्रेस्ट का आकार समय-समय पर मेजर करते रहें, क्योंकि ब्रेस्ट का आकार हमेशा एक नहीं रहता है. इसका आकार उम्र, गर्भावस्था, मेनोपाउज़ के कारण बदलता रहता है. इसलिए कभी भी केवल अनुमान लगाकर अपने ब्रा का साइज न चुनें. बल्कि ब्रेस्ट को नियमित नापें और सही नाप की ही ब्रा पहनें.

न टाइट न ढीली ब्रा पहनें ऐसी ब्रा चुनें जिसे पहनने के बाद, आपके स्तन आपके मूवमेंट करते समय भी उछले नहीं और बाहर की तरफ नहीं निकलें. ध्यान रखें कि ब्रा बहुत टाइट या ढीला न हो. गलत आकार के ब्रा पहनने से त्वचा में जलन होती है, सांस लेने में परेशानी होती है. गलत आकार के ब्रा पहनने से स्तन के उत्तक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे स्तन में दर्द होता है और यह ढीला पड़ जाता है.

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व्यायाम करते समय स्पोर्ट्स ब्रा पहनें. क्योंकि व्यायाम करते समय आप जैसे-जैसे मूवमेंट करती हैं, आपका स्तन भी वैसे हीं मूवमेंट करता है. इसलिए बिना सही सपोर्ट के व्यायाम करने से स्तनों में दर्द हो सकता है. साथ ही स्तनों की त्वचा ढीली पड़ सकती है. और अगर आपके स्तनों का आकार बड़ा है, तो इस छोटी सी बात को नजरअंदाज करना आपके लिए महंगा साबित हो सकता है.

कैफीन और धूम्रपान को कहें बाय

जितना हो सकता है, आप कैफीन के सेवन से बचें. आप इसके बजाय ग्रीन टी का सेवन कर सकती हैं. ग्रीन टी ना केवल वजन कम करने में मदद करेगी बल्कि यह त्वचा में चमक लाने में भी मदद करती है. धूम्रपान भी आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. धूम्रपान शरीर के इलास्टिन को तोड़ता है जिससे ब्रेस्ट की स्किन ढ़ीली पड़ती है और इनका आकार बिगड़ जाता है. धूम्रपान करने से महिलाओं में कई खतरनाक बीमारियां तो होती ही हैं इसके अलावा महिलाओं को ब्रेस्‍ट कैंसर, असमय पीरियड्स, स्लीपिंग प्रॉब्लम और त्‍वचा खराब होने जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं.

पानी और सीट्रस फलों का करें ज्यादा से ज्यादा सेवन

ब्यूटी एक्सपर्टस कहते हैं, पानी कम पीने से झुर्रियां जल्दी पड़ती है. वैसे ही पानी कम पीन से ब्रेस्ट के आस पास की स्किन स्ट्रेच हो जाती है. जिससे वह लटकने लगती हैं. ब्रेस्ट का लटकना चालू होने से पहले ही सही मात्रा में पानी पीना आपकी सेहत के लिए अच्छा होता है. उसके साथ ही आप अपने आहार में नींबू, संतरे, जामुन आदि सीट्रस फलों को अधिक शामिल करें. विटामिन ए, ई और सी से युक्त इन फलों का सेवन स्तनों को ढ़ीला होने से रोकता है.

Source: Medical News Today

बर्फ से करें मसाज

दो बर्फ के क्यूब्स लीजिये और उनसे अपने ब्रेस्ट को सर्कुलर में हलके हाथों से मसाज कीजिये. ध्यान रखिये, बर्फ से केवल एक मिनट ही मसाज कीजिये. मसाज करने के बाद स्तन किसी मलमल के मुलायम कपडे से पोंछ लीजिये और तुरंत एक अच्छी फिटिंगवाली ब्रा पहन लीजिये. नियमित रूप से इस प्रकार से मसाज करने से ब्रेस्ट में टाइटनेस आएगी.

ब्रेस्ट पर भी लगाएं लोशन

जिस तरह आप अपने हाथ, पैर और चेहरे को मॉइस्चराइज करतीं हैं. उसी तरह अपने ब्रेस्ट को स्वस्थ रखने, और त्वचा का लचीलापन बनाये रखने के लिए उन्हें नियमित रूप से मसाज तथा मॉइस्चराइज करना अच्छा रहता है. अगर आपकी त्वचा बहुत ज़्यादा रूखी-सूखी है, तो आप मॉइस्चराइजर के तौर पर नारियल, तिल या ऑलिव तेल का उपयोग कर सकती हैं और अगर आपकी त्वचा नार्मल या ऑयली है, तो आप बॉडी लोशन लगा सकती हैं. सूरज की रोशनी में बाहर निकलने से पहले, क्लीवेज के आसपास के भाग में सनस्क्रीन क्रीम जरुर लगाएं, जो भाग सूरज की रोशनी के सम्पर्क में आता है. इससे ब्रेस्ट कैंसर और स्किन कैंसर का खतरा तो कम होता ही है, साथ ही साथ क्लीवेज के आसपास जल्दी झुर्रियां नहीं पड़ती है.

अगर आपके ब्रेस्ट में किसी भी प्रकार का दाना, फुंसी, गाँठ या फिर सूजन आ जाए तो इसे नज़रअंदाज न करें. इसकी जांच करें और फिर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. याद रखें आपकी छोटी सी लापरवाही और संकोच बड़ी बीमारी का रूप ले सकती हैं. तो जानकार बनिए और खुद को स्वस्थ रखिए.

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