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पधारो हवेलियों के नगर जैसलमेर में…. जहां बिखरी है भारतीय संस्कृति की अनोखी छठा!

गहरे रंग के सतरंगी लहँगे, गले से लेकर पैरों तक अष्ठ धातु के गहने और मर्दों के सर पर सजी सुन्दर सी बांधनी की पगड़ी... ऐसा है राजस्थान का आकर्षक रंग और इसी सतरंगी प्रदेश में एक ऐतिहासिक शहर है – जैसलमेर

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Jaisalmer

गहरे रंग के सतरंगी लहँगे, गले से लेकर पैरों तक अष्ठ धातु के गहने और मर्दों के सर पर सजी सुन्दर सी बांधनी की पगड़ी… ऐसा है राजस्थान का आकर्षक रंग और इसी सतरंगी प्रदेश में एक ऐतिहासिक शहर है – जैसलमेर,  जो अपनी कलात्मक शैली और खूबसूरती के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है.

आपको पता है जैसलमेर को ‘हवेलियों का नगर’ भी कहा जाता है, क्योंकि इस शहर में बड़ी बड़ी कई हवेलियां हैं. जब इन हवेलियों पर सूर्य की किरण पड़ती है तब इस शहर का रूप देखने लायक होता है. इन सूर्य की किरणों से पूरा जैसलमेर सोने की तरह जगमगा उठता है इसलिए इस शहर को ‘स्वर्ण नगरी’ भी कहा जाता है.

यूं तो जैसलमेर में बहुत कुछ ख़ास है जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है. तो अगर आप भी ‘स्वर्ण नगरी’ जैसलमेर की सैर करने की सोच रहे हैं तो हम आपको बताते हैं कि जैसलमेर में क्या कुछ देखने लायक है. अभी मेरे साथ जैसलमेर की ऑनलाइन सैर कीजिए फिर अपनी फॅमिली के साथ जाइयेगा.

ये हैं जैसलमेर के वो चुनिंदा दर्शनीय स्थल जो जैसलमेर की शान को दो-गुना करते हैं-

Gadisar Lake

गड़ीसर सरोवर:

गड़ीसर सरोवर जैसलमेर शहर का प्रमुख जल स्त्रोत है. बताया जाता है कि यहां के लोग इस सरोवर में बारिश का पानी इकठ्ठा करते हैं. इस सरोवर के किनारे महल, छतरियां, मंदिर और सुंदर बगीचों से भरे घर आदि बने हुए हैं, जिनकी सुंदरता देखते ही बनती है.

Patwon ki haveli

पटुओं की हवेलियां:

जैसलमेर में बनी यह इमारतें जैसलमेर के पर्यटक स्थलों में से एक हैं. यहां 5 हवेलियां बनी हुई हैं. कहा जाता है कि यह 5 हवेलियां गुमानफल बाफना के 5 पुत्रों ने बनवाई थी. इन हवेलियों की नक्काशी आपको बेहद पसंद आएगी.

Sonar Kila

सोनार किला:

सोनार किला जैसलमेर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है. इस महल में अखे पोल, सूरज पोल, गणेश पोल और हवा पोल नामक चार दरवाज़े हैं. किले के भीतर मोती महल, रंग महल, राज विलास आदि महल स्थापत्य कला का जीता जागता उदाहरण हैं. यहां जाते ही आपको राजसी ठाठ-बाठ देखने को मिलेगा.

Museum

लोक सांस्कृतिक संग्राहलय:

जैसा नाम वैसा ही सब कुछ पाएंगे इस संग्राहलय के अंदर. प्राचीन भारत के गौरव को समेटे हुए जैसलमेर के इस लोक सांस्कृतिक संग्राहलय में आपको राजा महाराजाओं की कहानियां, उनकी धरोहर देखने को मिलेगी. यहां आप इतिहास सम्बन्धी दस्तावेज़, कठपुतलियां, जैसलमेर की लोक-संस्कृति से जुड़ी वस्तुएं, वाध्य-यंत्र, वस्त्राभूषण, कलात्मक चित्र आदि को देख सकते हैं.
Diwan Nathmal ki Haveliदीवान नथमल की हवेली:

दीवान नथमल की हवेली नथमल महारावल रणजीत सिंह व बैरीशाल सिंह के समय के दीवान ने बनवाई थी. इस हवेली की नक्काशी देखने लायक है.

Jain Temple

शांतिनाथ मंदिर:
शांतिनाथ मंदिर देश के सात प्रमुख जैन मंदिरों में से एक है. यह जैसलमेर किले के अंदर स्थित है और जैन तीर्थंकर, श्री शांतिनाथ को समर्पित है. उन्हें एक नक्काशीदार सुंदर मूर्ति के रूप में पूजा जाता है. यह मंदिर अपनी शानदार पौराणिक शैली के लिए प्रसिद्ध है.
Salim Singh Haveli सलीम सिंह की हवेली:

सलीम सिंह की हवेली, भव्य कलात्मकता के कारण पर्यटकों को अपनी और सदा लुभाती रही है. इस महल का मोती महल बेहद आकर्षक है. आप यहां आकर इस महल की अद्भुत कला को देख दंग रह जायंगे.

Desert National Park

डेजर्ट नेशनल पार्क:

डेजर्ट नेशनल पार्क साल 1980 में स्थापित हुआ था. इस राष्ट्रीय पार्क की क्षेत्र में नमक की झील, निश्चित टिब्बे और चट्टानें शामिल हैं. इस पार्क में आप हैरियर, बुझार्ड, धब्बेदार चील और छोटे पंजे वाली चील, तौनी चील, गिद्ध और रेत में गुनगुनाने वाले जीव की तरह के पक्षियों को देख सकते हैं. यह राष्ट्रीय पार्क  ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का प्राकृतिक निवास स्थान है, जो राजस्थान का राज्य पक्षी है. नवंबर और जनवरी के महीनों के बीच की अवधि इस पार्क की यात्रा का सबसे अच्छा समय है.

Khabha

खाभा:
खाभा, जैसलमेर शहर से 35 किमी की दूरी पर स्थित एक छोटा सा गांव है. खाभा फोर्ट और भूवैज्ञानिक संग्रहालय इस गांव के मुख्य पर्यटक आकर्षण हैं. यहां पर आप राजस्थान के गांव की जीवन शैली की एक झलक देख सकते हैं. यहां टेंट, झोपड़ियों और शिविर जैसे घर देखने को मिलेंगे.

Desert Festival डेजर्ट फेस्टिवल:
डेजर्ट फेस्टिवल जैसलमेर का एक प्रसिद्ध पर्यटक आकर्षण है, जो शहर से 42 किमी दूर स्थित सैम रेत टिब्बा में, फरवरी में आयोजित होता है. इस फेस्टिवल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, ऊंट दौड़, पगड़ी बांधने, और सबसे अच्छी मूँछ की प्रतियोगिता होती है. जिसका आप भरपूर आनंद ले सकते हैं. यह राजस्थान पर्यटन बोर्ड द्वारा आयोजित तीन दिन का त्योहार होता है. यहां आप ऊंट की सवारी कर, यात्रा को यादगार बना सकते हैं.

कैसे जाएं:

हवाई यात्रा: निकटतम एयरबेस जोधपुर हवाई अड्डा, जैसलमेर से 285 किमी की दूरी पर स्थित है. इस हवाई अड्डे से पर्यटक जैसलमेर के लिए प्री-पेड टैक्सियों का लाभ उठा सकते हैं. विदेशी पर्यटक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से इस जगह तक पहुंच सकते हैं.

रेल यात्रा: जैसलमेर रेलवे स्टेशन पश्चिमी रेलवे जोन में एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है. यह स्टेशन कई गाड़ियों से जोधपुर और दूसरे मुख्य स्थलों से जुड़ा है. आप स्टेशन से जैसलमेर के लिए कैब का लाभ ले सकते हैं.

सड़क यात्रा: पर्यटक डीलक्स और सेमी-डीलक्स बसों द्वारा भी जयपुर, अजमेर, बीकानेर, और दिल्ली से इस स्थान तक पहुंच सकते हैं. सरकारी बसें भी जैसलमेर को जाती हैं. आप उससे भी जा सकते हैं.

इस महीने जाना बेहतर:

जैसलमेर में प्रसिद्ध रेगिस्तान त्योहार फरवरी के महीने में आयोजित किया जाता है. सितंबर का महीना रामदेवरा मेले के लिये प्रसिद्ध है, जो दुनिया भर से पर्यटकों की एक बड़ी संख्या को आकर्षित करता है. जैसलमेर में जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर और मार्च के महीने के बीच का है.

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